
दारु पीवो रण चढो, राता राखो नैण।
बैरी थारा जल मरे, सुख पावे ला सैण॥
सोरठ रो दोहो भळो, कपड़ो भळो सपेत।
नारी तो निवली भळी, घोड़ो भलो कुम्मेत॥
ब्रजदेशाँ चन्दन बना, मेरु पहाड़ाँ मौड़।
गरुड़ खगाँ, लंका गढाँ, राजकुलाँ राठौर॥
(संकलनः- द ग्रैट इंडियन राव)
वॉटर कूलर वितरित
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रानीवाड़ा। मालवाड़ा की राप्रावि ऊंट का धोरा के संस्था प्रधान मगनलाल राव ने
बताया कि भामाशाह चुन्नीलाल हीराणी की ओर से घोषित पारितोषिक के रूप में
शुक्रवार क...
15 वर्ष पहले

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