हूँ बळिहारी राणियां ,
जाया वंस छतीस ।
सेर सलूणो चूण ले ,
सीस करै बगसीस ।।
हूँ बळिहारी राणियां ,
थाळ वजाणौ दीह ।
वींद जमी'रा जे जणै ,
सांकळ ढीटा सीह।।
हूँ बळिहारी राणियां ,
भ्रूण सिखावण भाव ।
नाळो वाढण री छुरी ,
झपटै जणियो साव।।
थाळ वजतां हे सखी ,
दिठो नैणा फुळाय ।
वाजां'रै सिर चेतणो ,
भ्रूणां कवण सिखाय?।
इळा न देणी आपणी ,
रण खेतां भिङ जाय ।
पूत सिखावे पालणै ,
मरण वडाई माय।।
राणा संगा ने बाबर को भारत बुलाया
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*प्रश्न* : भारत में बाबार को आने के लिए किसने निमंत्रण दिया?
*grok ai ने दिया जबाब:*
भारत में *बाबर* को आने के लिए निमंत्रण दिल्ली सल्तनत के शासक इब्राह...
6 दिन पहले