बोलो-बोलो रे भायला, अठै की नीं आणी-जाणी छै।
व्है छै कीं उठै, जठै खीरा भळ-भळता व्है।
भर काळजे बारूद, घूमतो हरेक जोध व्है।
बात साटै सिर देवण नैं तातो कुंचो-कुंचो व्है।
जठै अन्याव रै सांमी लड़-भिड़णो ही धर्म व्है।
इसड़ै जोधां रै सांमी लुळ्यो, जमानो छै।
पण तूं बोलो-बोलो रे भायला, अठै की नीं आणी-जाणी छै।
विनोद सारस्वत
राणा संगा ने बाबर को भारत बुलाया
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*प्रश्न* : भारत में बाबार को आने के लिए किसने निमंत्रण दिया?
*grok ai ने दिया जबाब:*
भारत में *बाबर* को आने के लिए निमंत्रण दिल्ली सल्तनत के शासक इब्राह...
6 दिन पहले