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सेठ सेठाणी रा पाछा फेरा रे फेर में आयौ चोर

Rao GumanSingh Rao Gumansingh

एक चोर एक सेठां रै घरै घुसियौ पण, सेठ पांणी पीवण नै जागया सो उण री निजर चोर माथै पड़गी। सेठ मांचा माथै बैठग्या। चोर थांभा रै लारै उभौं रह्यौ। सेठ दो-तीन हेला पाड़नै सेठांणी नै जगाई। कह्यौं-ब्याव नै बीसेेक बरस व्हैगा। आज कांई जची के फेरा पाछा नवा करलां। सेठाणी सानी में समझगी, तौ ई वा अण जांण बणनै कह्यौं-माथा में धोळा आया हैं अर हाल टाबरपणा री बातां करौ। फेरा खावण री मन में आवै तौ अेकला खायलौ। सेठ बोल्या,-थे रांजी व्हौ भंलाई बैराजी। म्है तौ पांतरग्यौं के फेरा कीकर खाया हा। सेठांणी बोली-थारां आगै म्हारीं जोर नीं चाले। पण पाड़ौसियां रै साम्हीं अैड़ी बातां मत करज्यौ। लो, नवा फेरा खावणा व्है तौ अबै झट खायलौ। चोर सेठ सेठाणी री बातां सुणनै मन में जांणियौ के अेड़ौ भौळौ सेठ तौ मुलकां में ई नीं लाधै। परिंड़ा माथै सींचणियौ पड़ियौ हौ। सेठ डोली खोलनै सींचणियौ पड़ियौ हौ। सेठ डोली खोलनै सींचणियौ लाया। अेक मूंड़ौ सेठाणी ने झिलयानै कह्यौ-म्हनै साचैला फेरा तो खावण नी है। पाछा याद करणाहै जकौं इणसींचणिया सूं याद व्है जावैला। लौ, थैं इणरौ मूंड़ौ झेलौ। आ कैयनै सेठ उणी थांभा सू चिपियोड़ौ ऊभग्यौ। दोनूं धणी लुगाई थांभा रै चारूकांनी फेरा खावण लागा। चोर रै साम्हीं तौ वै भळियौ ई कोनीं। तीन फेरां रै पछै सेठाणी कह्यौ-लो, अबै म्हनै लारै आवण दौ। सेठ हौळै-हौळै चालता ई रह्या। चोर नै गिरियां सूं लेयनै ठेठ गळा तंाई आटां में पळेट लियौ। सेठ, सेठांणी नै थांभा रै पाखती बैठांणनै खुद डागळै चढ्या। जोर सूं हेलौ मारियौ-पाडिसियां, सावळ कांन देयनै सुण लीजौ, म्हैं चोरी करण सारू आवूं हूं। जाब्तौं करणौं व्है जकों कर लीजों। तीन चार बार वौ औ ई हेलौ मारियौ। चैथी वळा उणरौ हेलौ सुणनै अेक लड़कीलौ आदमी कह्यौ-सेठां, चोरी करोला तो माथा में अणगिणती रा जूत पड़ैला। सेठ पड़ूतर दियौ-चैरियां करण सूं जूत पड़ता व्है तो आवौ, चोर म्हारै घरै बंधियोड़ौ त्यार है। सगळा आड़ौसी पाड़ौसी जूता अब गेड़िया लेयनै दौड़ता आया। सेठ चोर नै बताया कह्यो-चोरां रै जूत पड़ता व्है तौ औ कोरौ क्यूं जावै ? अबै चूकजौ मती। पाड़ौसी लिगतरां सूं मार मारनै उणरौ पोखाळौ कर दियौ। वौ तौ सेठां रै नवा फेरा खावण रौ खिलकौं आखी ऊमर नीं पातरैला।