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पूछो ना म्हे कितरा सोरा हां दादा

Rao GumanSingh Rao Gumansingh

पूछो ना म्हे कितरा सोरा हां दादा।
निज भाषा बिना भोत दोरा हां दादा।।

कमावणो आप रो बतावणो दूजां रो।
परबस होयोड़ा ढिंढोरा हां दादा।।

अंतस में अळकत, है मोकळी बातां।
मनड़ै री मन में ई मोरां हां दादा।।

राज री भाषा अचपळी कूकर बोलां।
जूण अबोली सारी टोरां हां दादा।।

न्याव आडी भाषा ऊभी कूकर मांगां।
अन्याव आगै कद सैंजोरा हां दादा।।

ओम पुरोहित 'कागद'

1 comments:

  1. Shekhar kumawat ने कहा…

    OM PUROHIT KAGAD JI NE MARI OR SU GANI GANI BADHAI

    AN RAJASTHANI GAZAL PADAWA WATE




    BAHUT KHUB

    SHEKHAR KUMAWAT

    http://kavyawani.blogspot.com/