राजिया रे दूहा सारु http://rajiaduha.blogspot.com क्लिक करावें रज़वाड़ी टेम री ठावकी ख्यातां रो ब्लॉग आपरै सांमै थोड़ाक टेम मा आरीयो है वाट जोवताईज रौ।

मिनख रौ बोदौ जीव, इण तरै व्हियौ इलाज

Rao GumanSingh Rao Gumansingh

बात घणी पुराणी है। उण समै दवाखाना नीं खुलिया हा। लोग इलाज करण सारू हकीमा अर झाड़-फंूक करण वाळा रै अटै ही जावता हा। अेकर अेक मिनख नै कांळिंदर सरप डसग्यौ। झाड़ौ दिरावण सारू वौ झाड़ागर रै पाखती गियौ। झाड़ागर गोरियावर रैझाड़ा रौ अेक रिपियौ अर कांळिंदर रै झाड़ा रा पांच रिपिया लेवतौ हौ। मिनख रो जीव रौ बोदौ घणौं हो। मन में सोच्यौं झाड़ा-झाड़ा तो सगळा अेक सरीख व्है। दुनिया ने ठागौ बतावण सारू अै झाड़ागर ढपला करै। अै तौ फगत रिपिया कमावण री अटकंळा है। वो उणी समे अेक अटकल विचारी की इणनै गोरियावर कै दूं तो भी म्हारौ तौ इलाज व्है जावै ला। वो झाडा़गर ने कळदार अेक रिपियौ पकड़ायनै कह्यौ-गोरियावर सरप डसग्यौ, नांमी झाडौ दे दै। झाड़ागर पैचाण भी पूछी तौ वौ गोरियावर ही बताई। झाड़ागर झाड़ौ देवण लागौ। झाड़ौ देवतां थोडी ई ताळ व्हींके मिनख रा मन में डर वापरियौ-जे कदास न्यारा-न्यारा झाड़ा व्हैता व्है तौ। घर में साची बात तौ आ हैं कि खायौ तो कंळिंदर, गोरियावर रौ नांव तौ कूड़ौ लियौ। झाड़ौ गुण करियौ तौ हकनाक मारियौ जावैला। उणरै मन मं डर अणहूंतौ घर करगियौ। पण झाड़ागर नै आ बात कैवै तौ चार रिपिया ओर देवणा पड़ैला। उणरै मळीच जीव सूं वत्ता चार रिपिया देवणी नीं आवै। वौ यूं ई उपरवाड़ी कांम सारणी चावतौ हौ। वौ पाछी अटकल विचारी झाड़ागर ने कह्यौं-भाईड़ा, म्है निजरा तौ गोरियावार देख्यौ, पण मिनखा देह है, भूल व्है सकै। थने कांई खरच लागै, भेळमभेळ अंकाध नांव काळियौं रा ई परा लेई। झाड़ागर भी अणहूंतौं हौ, वौ मिनख रै मन री बात जाण ली। वौ कह्यौ-गोरियावर अर काळिंया रा नांव लूं, पण मिनख देह है, एकाध आध नांव उपर नीचे व्हियौ तौ कैंनीं सकूं। यूं करा जीव री बात हैं, म्हैं पैला गोरियावर रौ पछै काळियां रौ झाड़ौ दे दूं, ताकि किणी बात री चिंता नी व्हैं। अबै तौ मिनख री हालत फेर बिगड़ गी, वौ सौचियौ अटकळ में एक रिपियौ बिगड़ियौं अर जान जावै जकौ नैरी। उणरै सागै उारी लुगाई आई ही। वा कह्यौ-झाड़ागरजी, थ्हैं मानळौ इणनै गोरियावर अर काळियौं दोनूं साप डस लिया अे लोग पांच रिपिया फरे थ्हैं दोनूं झाड़ा लगाय लियौ। इण तरै मिनख नै लालच में एक रिपियौं गमावनौं पड़ियौै।