राजिया रे दूहा सारु http://rajiaduha.blogspot.com क्लिक करावें रज़वाड़ी टेम री ठावकी ख्यातां रो ब्लॉग आपरै सांमै थोड़ाक टेम मा आरीयो है वाट जोवताईज रौ।

गंग विराजत संग

Rao GumanSingh Rao Gumansingh

गंग विराजत संग तुम्हारे अंग भभूत लगी अति प्यारी कर तिरशूल नहीं दुकूल बाघम्बर तन पर तुम धारी पिवत कालकूट सोहे जटाजूट नंदी की करते हैे असवारी लोचन तव तीन काया अति छीन संग सोहे गिरिजा महतारी राजावत श्रवण सी कृत